Jammu Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में एक आतंकी को मार गिराया गया है। यह एनकाउंटर बिलावर इलाके में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ। मारे गए आतंकी की पहचान पाकिस्तान के उस्मान के रूप में हुई है, जो प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था।
आतंकियों के इलाके में छिपे होने की खुफिया सूचना के बाद सुरक्षाबलों ने बिलावर क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान आतंकियों और सुरक्षा बलों का आमना-सामना हो गया, जिसके बाद फायरिंग शुरू हो गई।
सेना और पुलिस का संयुक्त अभियान, एक आतंकी ढेर
खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर 23 जनवरी 2026 को कठुआ के परहेतर इलाके में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर आतंकियों से संपर्क स्थापित किया।
Jammu Kashmir Encounter: जॉइंट फोर्सेज की सटीक और नियंत्रित कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया, जबकि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास के जंगलों में अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पहले भी मिला था आतंकियों से सामना, कई दिन से थे फरार
इससे पहले बिलावर के नजोते वन क्षेत्र और काहोग वन इलाके के पास भी सुरक्षाबलों का आतंकियों से सामना हुआ था। उस वक्त खुफिया जानकारी में कम से कम तीन आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी।
Kathua Encounter: सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, फरवरी 2024 में जैश-ए-मोहम्मद ने उस्मान समेत 10 आतंकियों के एक ग्रुप को जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ करवाई थी, जिसमें सैफुल्लाह, फरमान, पाशा और आदिल जैसे आतंकियों के नाम शामिल थे।
धनु परोल के जंगलों में भीषण फायरिंग, 2026 का पहला बड़ा एनकाउंटर
कठुआ के धनु परोल जंगलों में भी आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच भारी फायरिंग हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में सेना और पुलिस ने मोर्चा संभाला।
Kathua Encounter: सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह साल 2026 का पहला बड़ा एनकाउंटर माना जा रहा है। मारे गए आतंकी और उसके साथी वही समूह बताया जा रहा है, जिसने 26 मार्च 2024 को कठुआ में चार पुलिस जवानों को शहीद किया था। ये आतंकी पिछले करीब 9 महीनों से फरार चल रहे थे।
LOC के पास पाकिस्तानी ड्रोन की गतिविधि, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इसी बीच कठुआ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा (LoC) के पास मंगलवार देर रात पाकिस्तानी ड्रोन को मंडराते हुए देखा गया। सेना ने तुरंत एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिया। यह पिछले 10 दिनों में ड्रोन की पांचवीं घटना बताई जा रही है।
Jammu Kashmir Encounter: इससे पहले 17 जनवरी को रामगढ़ सेक्टर में भी ड्रोन देखे जाने की सूचना मिली थी।
गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन का इस्तेमाल सेना की पोजिशन की रेकी, या फिर आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा है।