Basant Panchami: ज्योतिषीय दृष्टि से इस वर्ष वसंत पंचमी का पर्व अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग में शुक्रवार को मनाया जाएगा। विद्या, कला और संगीत की अधिष्ठात्री मां सरस्वती की विशेष कृपा इस दिन साधकों और विद्यार्थियों पर रहेगी। ऋतुराज वसंत के आगमन का प्रतीक यह पर्व नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी बेहद शुभ माना जाता है।
Basant Panchami: क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सरस्वती पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त सुबह 8:33 बजे से 10:15 बजे तक रहेगा। वहीं, दोपहर में अभिजीत मुहूर्त 12:11 बजे से 12:54 बजे तक शुभ रहेगा। इस दिन माघ माह के शुक्ल पक्ष में पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि, रवि, शिव और महासिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो इस पर्व के महत्व को और बढ़ा देता है।
Basant Panchami: इस दिन खास संयोग
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के अनुसार, इस दिन मंत्र जाप और मां सरस्वती की आराधना करने से बुद्धि, विवेक और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। बच्चों और विद्यार्थियों को गुरुजनों की सेवा करने और नियमित पूजा करने की सलाह दी गई है। इस अवसर पर पीले वस्त्र धारण करना और पीले रंग के खाद्य पदार्थों का सेवन विशेष फलदायी माना गया है।
ज्योतिषाचार्य देवा स्वामी ने बताया कि माघ सप्तमी पर सूर्य आराधना का भी विशेष महत्व है। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, सृष्टि की रचना के समय आदिशक्ति ने स्वयं को पांच रूपों में विभक्त किया था, जिनमें एक स्वरूप मां सरस्वती का था। भगवान श्रीकृष्ण ने सर्वप्रथम उनकी पूजा की थी।