Bangladesh Hindu Killings: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते 24 घंटे के भीतर अलग-अलग जिलों में दो और हिंदुओं की निर्मम हत्या कर दी गई। चिंताजनक बात यह है कि केवल एक महीने के अंदर देशभर में अब तक 11 हिंदुओं की जान जा चुकी है।
Bangladesh Hindu Killings: लगातार हो रही घटनाएं
पहली घटना शुक्रवार तड़के राजबाड़ी जिले की है। यहां एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले हिंदू युवक की सिर्फ इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने ईंधन भरवाने के बाद भुगतान की मांग की थी। मृतक की पहचान 30 वर्षीय रिपन साहा के रूप में हुई है, जो राजबाड़ी के गोलंदा मोड़ स्थित करीम पेट्रोल पंप पर कार्यरत था।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 4:30 बजे एक काले रंग की एसयूवी पेट्रोल पंप पर पहुंची और करीब 5,000 टका का ईंधन भरवाया। जब वाहन चालक बिना पैसे दिए जाने लगा तो रिपन साहा ने उसे रोकने की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी ने जानबूझकर रिपन को कार से कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
हालांकि, पुलिस ने बाद में वाहन को जब्त कर लिया और कार मालिक अबुल हाशेम उर्फ सुजान (55) तथा चालक कमाल हुसैन (43) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, अबुल हाशेम बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की राजबाड़ी जिला इकाई का पूर्व कोषाध्यक्ष और जिला युवा दल का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है।
Bangladesh Hindu Killings: गाजीपुर में हिंदू दुकानदार की हत्या
दूसरी घटना गाजीपुर जिले से सामने आई है। यहां एक हिंदू दुकानदार की उस समय हत्या कर दी गई जब वह अपने कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रहा था। मृतक की पहचान 55 वर्षीय लिटन चंद्र घोष के रूप में हुई है, जो काली बारानागर रोड पर स्थित ‘बैशाखी स्वीटमीट एंड होटल’ नामक मिठाई की दुकान के मालिक थे।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे दुकान में 28 वर्षीय मासूम मियां और 17 वर्षीय कर्मचारी अनंत दास के बीच मामूली विवाद हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इसके बाद मासूम मियां के माता-पिता, मोहम्मद स्वपन मियां और माजेदा खातून मौके पर पहुंचे और अनंत दास के साथ मारपीट करने लगे।
Bangladesh Hindu Killings: लिटन घोष पर हमला
जब लिटन चंद्र घोष ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया। उनके सिर पर फावड़े से वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बाद में स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
बांग्लादेश हिंदू, बौद्ध, ईसाई एकता परिषद के कार्यकारी महासचिव मनींद्र कुमार नाथ ने घटनाओं की पुष्टि करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंताजनक हैं और सरकार को इस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।