NEET Aspirant Death: पटना में नीट छात्रा की मौत पर सस्पेंस, यौन हिंसा की आशंका; SIT गठित

NEET Aspirant Death: बिहार की राजधानी पटना में 17 वर्षीय नीट (NEET) की छात्रा की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रा हॉस्टल के अपने कमरे में बेहोश हालत में मिली थी। इलाज के लिए पहले स्थानीय क्लिनिक और फिर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक चले उपचार के बाद 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। जहां पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बताया, वहीं परिवार ने साजिश और यौन उत्पीड़न की आशंका जताई है।

मृतक छात्रा मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले की रहने वाली थी। परिवार के अनुसार, उसने पिछले साल पहली ही कोशिश में NEET पास कर ली थी, लेकिन एमबीबीएस में महज दो अंकों से सीट नहीं मिल पाई। इसके बाद उसे बीडीएस (डेंटल) की सीट मिली, जिसे छोड़कर उसने दोबारा नीट की तैयारी का फैसला किया और 2024 के अंत में पटना आकर हॉस्टल में रहने लगी।

NEET Aspirant Death: परिवार ने क्या बताया

छात्रा के चाचा ने बताया कि त्योहारों के दौरान उसकी मां उसे घर ले आई थीं। 26 दिसंबर को वह जहानाबाद गई थी और 5 जनवरी को दोपहर करीब एक बजे पटना के लिए ट्रेन पकड़ी। शाम तक वह पटना पहुंच गई और रात करीब नौ बजे पिता से बात कर बताया कि वह सुरक्षित हॉस्टल पहुंच चुकी है। इसके ठीक अगले दिन वह अपने कमरे में बेहोश पाई गई।

परिवार का आरोप है कि हॉस्टल पहुंचने के बाद वह बाहर नहीं निकली थी। चाचा के मुताबिक, अगर वह बाहर जाती तो हॉस्टल रजिस्टर में उसका रिकॉर्ड होता, लेकिन ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि हॉस्टल कर्मचारियों ने दरवाजा तोड़ने की बात कही, लेकिन जब परिजन मौके पर पहुंचे तो किसी तरह के जबरन प्रवेश के निशान नहीं थे और कमरा साफ-सुथरा था।

NEET Aspirant Death: पुलिस ने क्या बताया

पुलिस का दावा है कि छात्रा ने नींद की गोलियों का ओवरडोज लिया था। सीसीटीवी फुटेज में कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी और यूरिन रिपोर्ट में नींद की गोलियों के सेवन की पुष्टि हुई है। हालांकि परिवार ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि छात्रा नाबालिग थी, उसका कोई मेडिकल इतिहास नहीं था और बिना डॉक्टर की पर्ची के इतनी दवाएं उसे कैसे मिल सकती हैं, यह बड़ा सवाल है।

गुरुवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मामले को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट में कहा गया है कि “यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।” पुलिस ने स्वीकार किया कि पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टर की राय में बदलाव आया है। इसके बाद मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। छात्रावास के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है।

NEET Aspirant Death: शरीर पर चोट के निशान

एफआईआर में छात्रा के पिता ने उसके शरीर और सिर पर चोट के निशानों का हवाला देते हुए यौन उत्पीड़न की आशंका जताई है। परिवार का आरोप है कि हॉस्टल संचालक और मालिक घटना को आत्महत्या के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे थे और मामले को दबाने के लिए पैसे की पेशकश भी की गई।

परिवार ने यह भी बताया कि 8 जनवरी को छात्रा को कुछ देर के लिए होश आया था। वह वेंटिलेटर पर थी और बोल नहीं पा रही थी, लेकिन मां को देखकर उसकी आंखों से आंसू निकल आए। मां के पूछने पर कि क्या उसके साथ कुछ गलत हुआ है, उसने सिर हिलाकर ‘हां’ में जवाब दिया।

छात्रा की मौत के बाद पटना में विरोध प्रदर्शन भी हुए। परिवार ने स्थानीय पुलिस पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इस बीच बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि SIT जांच कर रही है और डीजीपी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *