Bihar Politics: बिहार की राजनीति में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह जल्द दिल्ली रवाना हो सकते हैं और 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करेंगे।
Bihar Politics: नीतीश कुमार करेंगे नामांकन
सूत्रों का दावा है कि पटना में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में नीतीश कुमार नामांकन कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो बिहार में मुख्यमंत्री पद खाली हो जाएगा और नया मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) से हो सकता है।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच अब बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की रेस में फिलहाल पांच नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
1. सम्राट चौधरी
Samrat Choudhary वर्तमान में बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और भाजपा के प्रमुख ओबीसी चेहरों में गिने जाते हैं। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था। उनके पिता शकुनी चौधरी भी बिहार की राजनीति के बड़े नेता रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने 1990 में राजनीति में कदम रखा और राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। 2023 में उन्हें भाजपा का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। नीतीश कुमार के खिलाफ ‘पगड़ी संकल्प’ के कारण भी वे काफी चर्चा में रहे। मौजूदा समय में उन्हें मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
2. नित्यानंद राय
Nityanand Rai भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उन्होंने हाल ही में लोकसभा चुनाव में अपनी सीट बरकरार रखते हुए राजद उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था।
1966 में जन्मे नित्यानंद राय पहले हाजीपुर से विधायक रहे और बाद में सांसद बने। उन्हें भाजपा का प्रमुख यादव चेहरा माना जाता है, जो राज्य में जातीय समीकरणों के लिहाज से अहम भूमिका निभा सकते हैं।
3. दिलीप जायसवाल
Dilip Jaiswal बिहार भाजपा के अध्यक्ष हैं और लंबे समय तक पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष भी रहे हैं। उनका जन्म 3 दिसंबर 1963 को खगड़िया जिले के गोगरी में हुआ था।
पीएचडी डिग्री धारक दिलीप जायसवाल पहली बार 2009 में विधान परिषद सदस्य बने थे। वे राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और पार्टी संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
4. विजय कुमार सिन्हा
Vijay Kumar Sinha भी बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और राज्य की राजनीति के प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। उनका जन्म 5 जून 1967 को लखीसराय जिले में हुआ था।
छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू करने वाले विजय सिन्हा 2020 में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे। 2017 में उन्हें श्रम संसाधन मंत्री बनाया गया था। फिलहाल वे भाजपा के मजबूत नेताओं में गिने जाते हैं।
5. संजीव चौरसिया
Sanjeev Chaurasia पटना के दीघा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी।
डॉक्टरेट की डिग्री रखने वाले संजीव चौरसिया को भी मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में शामिल बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव और उसके नतीजों के बाद बिहार की राजनीति में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। ऐसे में सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।