Gupt Navratri 2026: कल से शुरू है गुप्त नवरात्रि, जानें विधि, मुहूर्त और महत्व

Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। शक्ति की उपासना के बिना अन्य देवी-देवताओं की पूजा को अधूरा माना जाता है। यही कारण है कि नवरात्रि वर्ष में चार बार आती है—दो बार चैत्र और शारदीय नवरात्रि के रूप में और दो बार गुप्त नवरात्रि के रूप में।

गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2026) के दौरान देवी दुर्गा की साधना गुप्त रूप से की जाती है। यह नवरात्रि विशेष रूप से साधकों और तंत्र साधना से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आइए जानते हैं माघ माह की गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि, शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व।

Gupt Navratri 2026: माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी 2026 से होगी और इसका समापन 27 जनवरी 2026 को होगा। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा और उनकी दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है।

घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

घट स्थापना मुहूर्त:
सुबह 6:43 बजे से 10:24 बजे तक

अभिजीत मुहूर्त:
सुबह 11:53 बजे से 12:36 बजे तक

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व

माघ गुप्त नवरात्रि (Gupt Navratri 2026) का संबंध मां दुर्गा की 10 महाविद्याओं की साधना से जुड़ा हुआ है। यह नवरात्रि ठंड के मौसम में बसंत ऋतु के आगमन के समय आती है। इसे तंत्र-मंत्र, साधना और गुप्त सिद्धियों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। माना जाता है कि इस दौरान की गई साधना जितनी गुप्त रखी जाती है, उतना ही अधिक उसका फल प्राप्त होता है।

Gupt Navratri 2026: पहले दिन की पूजा विधि

गुप्त नवरात्रि के पहले दिन स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान की सफाई करें और मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। फूल और अक्षत अर्पित करें। इस दौरान दुर्गा मंत्रों का मन ही मन जाप करें।

मान्यता है कि इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष फल देता है। अंत में आरती करें और पूजा के दौरान हुई किसी भी त्रुटि के लिए मां से क्षमा मांगकर आशीर्वाद लें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य पंचांग पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता या सटीकता की पुष्टि नहीं करते। अधिक जानकारी के लिए किसी योग्य ज्योतिष या धर्म विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

 

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