BMC Election: महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सत्ता को लेकर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना के 29 पार्षदों को बांद्रा स्थित होटल ताज लैंड्स एंड में ठहराया गया था। हालांकि, पांच दिन बाद मंगलवार शाम सभी पार्षद होटल से बाहर निकल आए।
क्या रहे BMC चुनाव नतीजे?
BMC की कुल 227 सीटों में से बीजेपी को 89 सीटें मिलीं, जबकि शिवसेना के खाते में 29 सीटें आईं। दोनों दल मिलकर बहुमत के आंकड़े को पार कर रहे हैं। इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई।
मेयर के नाम पर फैसला लंबित रहने के बीच शिवसेना ने अपने पार्षदों को होटल में ठहरा दिया। पार्टी का कहना था कि यह कदम पार्षदों के लिए आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप के तहत उठाया गया।
एकनाथ शिंदे का संकेत: शिवसेना का मेयर?
शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे BMC (BMC Election) में अपनी पार्टी का मेयर चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष की शुरुआत हो रही है और इस अवसर पर शिवसैनिकों की भावना है कि BMC का मेयर शिवसेना से ही बने।
शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि BMC चुनाव बीजेपी और शिवसेना ने गठबंधन में मिलकर लड़ा था। ऐसे में जिन नगर निगमों में दोनों दल साथ चुनाव लड़े हैं, वहां महायुति का ही मेयर बनना चाहिए।
BMC Election: दिल्ली में तय होगा BMC का फॉर्मूला?
BMC मेयर पद को लेकर अंतिम फैसला दिल्ली में होने की संभावना जताई जा रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को बीजेपी और शिंदे गुट के कई नेता दिल्ली पहुंचे। इस प्रतिनिधिमंडल में महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम और शिवसेना नेता राहुल शेवाले शामिल हैं। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व की बैठक में ही BMC की सत्ता का रास्ता तय होगा।